भोजपुरी सिनेमा के लोकप्रिय सितारे खेसारी लाल यादव इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वायरल दावे के केंद्र में हैं। दावा किया जा रहा है कि उन्होंने छपरा में एम्स अस्पताल निर्माण के लिए 20 बीघा जमीन दान कर दी है। हालांकि, विश्वसनीय फैक्ट-चेक रिपोर्ट्स से साफ हो चुका है कि यह खबर AI-जनरेटेड छवियों पर आधारित है और सत्यता का अभाव रखती है। आगे पढिए >> खेसारी लाल यादव का कथित 20 बीघा जमीन दान
खेसारी लाल यादव भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार अभिनेता, गायक, नर्तक और राजनीतिक हस्ती हैं, जिनकी लोकप्रियता बिहार-यूपी में लाखों प्रशंसकों के बीच बेमिसाल है। खेसारी लाल यादव का असली नाम शत्रुघ्न कुमार यादव है।
नाम परिवर्तन की कहानी
उन्हें स्टेज शो के दौरान एक प्रशंसक ने ‘खेसारी’ नाम से पुकारा, जो बाद में उनकी पहचान बन गया। चुनाव नामांकन के समय उन्होंने अपना मूल नाम शत्रुघ्न यादव ही इस्तेमाल किया, जैसा कि चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में दर्ज है।
प्रारंभिक जीवन और संघर्ष
15 मार्च 1986 को बिहार के सारण जिले के लौरी गोंडा गांव में गरीब यादव परिवार में जन्मे खेसारी का बचपन बेहद कठिनाइयों भरा रहा। पिता की असमय मृत्यु के बाद उन्होंने गाय-भैंस चराने, लिट्टी-चोखा बेचने और मजदूरी जैसे काम किए। मात्र 10वीं कक्षा तक की पढ़ाई के बाद वे मां की जिद पर दिल्ली चले गए, जहां लौंडा नाच और लोकगीत गाकर पहचान बनाई। संघर्ष के दौर में कई बार आत्महत्या तक का ख्याल आया, लेकिन मां की प्रेरणा से वे डटे रहे।
फिल्मी सफर और सफलता
2000 के दशक में भोजपुरी स्टेज शो से शुरुआत कर 2011 में फिल्म ‘साजन चले ससुराल’ से डेब्यू किया, जो सुपरहिट रही। उसके बाद ‘बलमुआ तोहरे खातिर’, ‘प्यार के बाद वाला लव’ जैसी 70 से अधिक फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाई। 5000 से ज्यादा भोजपुरी गाने गाए, जिनमें ‘लॉलीपॉप लागेलु’ जैसे ट्रैक्स वायरल हुए। बिग बॉस 13 (2019) में वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट बने, लेकिन विवादों के बाद बाहर हो गए। उनकी संपत्ति 32 करोड़ रुपये बताई जाती है।
निजी जीवन और राजनीति
चंदा देवी से 2006 में शादी की, तीन बच्चे हैं—दो बेटियां और एक बेटा। राजनीति में 2025 बिहार विधानसभा चुनाव में छपरा से RJD उम्मीदवार बने, लेकिन हार गए। विवादास्पद बयानों और सोशल मीडिया एक्टिविटी से चर्चा में रहते हैं।
अन्य विवादों का दौर
भोजपुरी इंडस्ट्री में
खेसारी लाल यादव का करियर भोजपुरी इंडस्ट्री में सफलता के साथ-साथ कई विवादों से भी घिरा रहा है, जो उनकी सार्वजनिक छवि पर सवाल खड़े करते रहे। सबसे चर्चित कथित अवैध संबंधों का मामला 2023 में सामने आया, जब अभिनेत्री आम्रपाली दुबे के साथ उनके निजी रिश्ते की अफवाहें उड़ीं। खेसारी ने इन्हें सिरे से नकारते हुए कहा कि वे सिर्फ पेशेवर साथी हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल चैट्स और तस्वीरों ने विवाद को हवा दी, जिससे उनके वैवाहिक जीवन पर भी सवाल उठे।
कास्टिंग काउच के आरोप भी खेसारी पर लगे, खासकर 2022-23 में जब कुछ महिला कलाकारों ने भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में भूमिकाओं के बदले पक्षपातपूर्ण व्यवहार के दावे किए। खेसारी पर सीधा आरोप न लगने के बावजूद, इंडस्ट्री की व्यापक जांच में उनका नाम चर्चा में आया, और उन्होंने इसे ‘झूठी साजिश’ बताकर खारिज किया। इसके अलावा, 2024 में एक गाने के बोलों को लेकर जातिगत टिप्पणी का विवाद हुआ, जहां विपक्षी दलों ने उन पर निशाना साधा, हालांकि कोर्ट ने जांच के बाद क्लीन चिट दे दी।
मुस्लिम तुष्टिकरण के आरोप खेसारी पर बिहार चुनाव 2025 के दौरान जोर पकड़े, जब उन्होंने कुछ बयानों में मुस्लिम समुदाय के प्रति सहानुभूति जताई, जिसे आलोचकों ने ‘वोट बैंक पॉलिटिक्स’ करार दिया। इसी कड़ी में लालू प्रसाद यादव परिवार से उनकी निकटता चर्चा में रही—खेसारी ने सार्वजनिक रूप से लालू परिवार का समर्थन किया, आरजेडी के साथ गठबंधन में सक्रिय रहे और चुनाव प्रचार में उनकी तस्वीरें वायरल हुईं। यह निकटता उनके राम जन्मभूमि स्टैंड से जुड़ी, जहां उन्होंने शुरू में अयोध्या मंदिर का समर्थन किया लेकिन बाद में ‘सभी धर्मों का सम्मान’ पर जोर देकर बयान पलटा, जिसे समर्थकों ने ‘राजनीतिक दबाव’ बताया। मंदिर विवादों में भी उनके बदलते बयान सुर्खियां बने। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में छपरा सीट से आरजेडी टिकट पर हार के बाद भी उनकी सक्रियता और बयानों ने राजनीतिक बहस छेड़ी। इन विवादों के बावजूद, खेसारी अपनी मेहनत, भोजपुरी संगीत और फिल्मों में योगदान के लिए प्रशंसकों के बीच सम्मानित बने हुए हैं।
खेसारी लाल यादव का कथित 20 बीघा जमीन दान दावे की सच्चाई
हाल ही में वायरल हुई तस्वीरों में खेसारी लाल को जमीन दान करते दिखाया गया, लेकिन आज तक और न्यूजचेकर जैसी संस्थाओं ने इन्हें कृत्रिम बुद्धिमत्ता से निर्मित सिद्ध किया। खेसारी ने 5 दिसंबर को इंस्टाग्राम लाइव में अस्पताल निर्माण के लिए समर्थन जताया था और अन्य कलाकारों को जमीन दान की चुनौती दी थी, मगर कोई आधिकारिक दस्तावेज या सरकारी पुष्टि नहीं हुई। यह अफवाह बिहार चुनाव 2025 के संदर्भ में तेज हुई, जहां वे आरजेडी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़े।
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