दिल्ली में वायु प्रदूषण की वर्तमान स्थिति
दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। वज़ीरपुर, आनंद विहार, अशोक विहार, नरेला जैसे क्षेत्रों में AQI 300+ की श्रेणी में है, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है।
दिल्ली के प्रमुख इलाकों में AQI मानों की विस्तृत तालिका
| इलाका | AQI मान | गुणवत्ता का स्तर |
|---|---|---|
| वज़ीरपुर | 385 | बहुत खराब |
| आनंद विहार | 364 | बहुत खराब |
| अशोक विहार | 362 | बहुत खराब |
| जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम | 331 | बहुत खराब |
| मुंडका | 343 | बहुत खराब |
| नरेला | 386 | बहुत खराब |
| रोहिणी | 363 | बहुत खराब |
| नोएडा | 311 | बहुत खराब |
| गाजियाबाद | 334 | बहुत खराब |
| गुरुग्राम | 304 | बहुत खराब |
AQI स्तर का मतलब और स्वास्थ्य पर प्रभाव
| AQI रेंज | गुणवत्ता का स्तर | स्वास्थ्य पर प्रभाव |
|---|---|---|
| 0 – 50 | अच्छा | सामान्य लोगों के लिए सुरक्षित |
| 51 – 100 | संतोषजनक | अधिकांश लोगों के लिए सुरक्षित |
| 101 – 150 | अस्वस्थ (संवेदनशील समूहों के लिए) | अधिक संवेदनशील लोगों को समस्या हो सकती है |
| 151 – 200 | अस्वस्थ | सभी के लिए स्वास्थ्य प्रभाव संभावित |
| 201 – 300 | बहुत अस्वस्थ | लोगों के लिए गंभीर प्रभाव, विशेष चेतावनी आवश्यक |
| 301 और उससे ऊपर | खतरनाक | सभी वर्गों के लिए अत्यधिक स्वास्थ्य जोखिम, तुरंत सावधानी आवश्यक |
प्रदूषण का प्रमुख कारण
- पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने से निकलने वाला धुआं दिल्ली तक पहुंच रहा है।
- दिवाली के बाद बढ़ा ट्रैफिक और आतिशबाजी भी प्रदूषण को बढ़ाते हैं।
- सर्दियों में वायु धारण क्षमता कम होने से प्रदूषक जमीन के नजदीक अटक जाते हैं।
विशेषज्ञ चेतावनी और मौसम जानकारी
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 4-5 नवंबर को पश्चिमी विक्षोभ आएगा लेकिन बारिश की संभावना कम है, जो प्रदूषण में कमी नहीं लाएगा। हवा की दिशा पंजाब-हरियाणा के धुएं को दिल्ली की ओर लगातार ले जाती है, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार संभव नहीं दिख रहा।
पर्यावरण और स्वास्थ्य की समझ
स्वच्छ हवा ज़रूरी है, इससे सांस की बीमारियां, हृदय रोग और फेफड़ों की समस्याएं कम होती हैं। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और रोगियों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए।
आम जनता के लिए सुझाव
- पराली जलाने की परंपरा को समाप्त करें।
- सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल बढ़ाएं।
- व्यक्तिगत और सामूहिक तौर पर पेड़ लगाएं।
- प्रदूषण वाले समय में मास्क पहनें और बाहर कम निकलें।