नई दिल्ली, 20 जनवरी 2026 (सूचना पत्र): वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी। मध्यम वर्ग और उद्योग संगठनों में उम्मीदें बढ़ रही हैं कि न्यू टैक्स रिजीम में टैक्स-फ्री इनकम सीमा को 17 लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकता है। पिछले साल 12 लाख तक की आय को टैक्स-मुक्त करने के बाद इस बार डिडक्शन्स बढ़ाने पर जोर है।
उद्योग संगठनों की Budget 2026 प्रमुख मांगें
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI), FICCI और Assocham जैसे संगठनों ने प्री-बजट मेमोरेंडा में राहत की सिफारिशें की हैं। ICAI ने न्यू रिजीम में सेक्शन 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर डिडक्शन बहाल करने की मांग की है। स्टैंडर्ड डिडक्शन को 75,000 से बढ़ाकर 1.5 लाख और बेसिक एग्जेम्पशन लिमिट को 4 लाख से 8 लाख करने का प्रस्ताव है।
ग्रांट थॉर्नटन और वायल्टो पार्टनर्स के विशेषज्ञों का मानना है कि होम लोन इंटरेस्ट पर 2 लाख और प्रिंसिपल पर 1.5 लाख का डिडक्शन जोड़ा जा सकता है। सरचार्ज थ्रेशोल्ड को 50 लाख से 75 लाख करने से मिडिल क्लास को फायदा होगा।
17 लाख का आंकड़ा Budget 2026 कैसे बनेगा?
विशेषज्ञों के विश्लेषण के अनुसार:
- मौजूदा 12 लाख टैक्स-फ्री एग्जेम्पशन
- 1 लाख स्टैंडर्ड डिडक्शन
- 2 लाख होम लोन इंटरेस्ट
- 1.5 लाख होम लोन प्रिंसिपल
- 50,000 रुपये हेल्थ इंश्योरेंस
इनकी कुल जोड़तोल से प्रभावी टैक्स-फ्री इनकम 17 लाख तक पहुंच सकती है। सीनियर सिटीजन्स के लिए मेडिकल खर्चों पर विशेष प्रावधान की मांग तेज है।
नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू
1 अप्रैल 2026 से 1961 का पुराना कानून बदलकर नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होगा। पिछले वित्त वर्ष में 72% (5.27 करोड़) रिटर्न न्यू रिजीम में दाखिल हुए। डेलॉइट इंडिया के नितिन बैजल ने कहा, “मेडिकल खर्च बढ़ रहे हैं, न्यू रिजीम में इसकी कमी दूर होनी चाहिए।”
Leave a Reply