आरा। भोजपुर जिला प्रशासन ने बालू लदे वाहनों के परिचालन को लेकर सख्त कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश और छपरा की ओर जाने वाले सभी बालू लदे वाहनों के लिए आरा जीरो माइल और शहरी मार्गों से गुजरना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। अब इन वाहनों को केवल निर्धारित रूट से ही परिचालन करना होगा।
प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर जुर्माना, चालान और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई संबंधित थाना, यातायात पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा की जाएगी।
आरा जीरो माइल से गुजरने पर होगी कार्रवाई
यदि कोई बालू लदा वाहन आरा शहर के भीतर, खासकर जीरो माइल, शहरी सड़कों या मुख्य चौक-चौराहों से होकर गुजरता पाया गया, तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि इस कदम का मकसद शहर में बढ़ते ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं पर रोक लगाना है।
बालू लदे वाहनों के लिए निर्धारित मार्ग
- उत्तर प्रदेश जाने वाले बालू लदे वाहन
खैरा मोड़ से तेतरिया मोड़ के रास्ते केवल वही वाहन चलेंगे, जिनका गंतव्य बक्सर या बक्सर फोर लेन होते हुए उत्तर प्रदेश है। - छपरा और उत्तर बिहार जाने वाले वाहन
बबुरा–डोरीगंज पुल होकर छपरा व उत्तर बिहार जाने वाले सभी बालू लदे वाहनों को अनिवार्य रूप से चांदी–सकड्डीह मार्ग का ही उपयोग करना होगा।
शिकायतों के बाद प्रशासन ने दिखाई सख्ती
प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई बालू लदे वाहन नियमों की अनदेखी कर खैरा–तेतरिया मोड़ से होते हुए आरा शहर और जीरो माइल होकर बबुरा–डोरीगंज पुल की ओर जा रहे हैं। इससे शहर की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही थी।
इसी को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने दोबारा स्पष्ट किया है कि निर्धारित मार्गों का उल्लंघन किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद
सभी थाना प्रभारियों और यातायात पुलिस को आदेश का सख्ती से अनुपालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन के इस फैसले से आरा शहर में ट्रैफिक दबाव कम होने, जाम की समस्या घटने और अवैध बालू परिवहन पर नियंत्रण की उम्मीद जताई जा रही है।
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