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ऑस्ट्रेलिया बॉन्डी बीच मास शूटिंग: 12 की मौत, PM मोदी ने की कड़ी निंदा, हनुक्का उत्सव पर यहूदियों पर हमला

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सिडनी/नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया बॉन्डी बीच मास शूटिंग सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर रविवार को हनुक्का त्योहार के दौरान भयानक मास शूटिंग हुई, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई। दो हथियारबंद हमलावरों ने यहूदियों को निशाना बनाकर अंधाधुंध गोलीबारी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है।

हमले का पूरा विवरण: ऑस्ट्रेलिया बॉन्डी बीच मास शूटिंगहनुक्का उत्सव पर खौफनाक वार

ऑस्ट्रेलियाई समयानुसार रविवार शाम को बॉन्डी बीच पर सैकड़ों यहूदी हनुक्का—यहूदी समुदाय का आठ दिवसीय पवित्र त्योहार—मना रहे थे। तभी दो हमलावरों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने इसे आतंकवादी हमला घोषित किया। एक हमलावर—24 वर्षीय नवीद अकरम—पुलिस मुठभेड़ में मारा गया, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है।

चश्मदीदों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया बॉन्डी बीच मास शूटिंग हमलावरों ने बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से निशाना बनाया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में गोलीबारी की तड़तड़ाहट, भागते लोग और खून से सना बीच दिखाई दे रहा है। एक वीर व्यक्ति ने हमलावर की बंदूक छीनकर कई जानें बचाईं। कम से कम 29 लोग घायल हुए, जिनमें दो पुलिसकर्मी शामिल हैं।

PM मोदी की प्रतिक्रिया: भारत का साथ

ऑस्ट्रेलिया बॉन्डी बीच मास शूटिंग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X (पूर्व ट्विटर) पर दुख व्यक्त करते हुए लिखा, “ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच पर हनुक्का त्योहार मना रहे लोगों पर हुए भयानक आतंकी हमले की कड़ी निंदा। इस दुख की घड़ी में हम ऑस्ट्रेलिया के लोगों के साथ खड़े हैं।” यह बयान वैश्विक एकजुटता का प्रतीक है।

ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथोनी अल्बनीज ने इसे “स्तब्धकारी” बताते हुए कहा, “यहूदी समुदाय पर हमला पूरे देश पर हमला है। नफरत, हिंसा और आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं।” इस्राइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने भी इसे आतंकी कृत्य करार दिया।

हमलावरों की पहचान और मकसद

पुलिस ने नवीद अकरम के सिडनी स्थित घर पर छापा मारा और दो अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया। प्रारंभिक जांच में यहूदियों-विरोधी मंसूबा सामने आया है। गाजा संघर्ष के बाद ऑस्ट्रेलिया में यहूदी-विरोधी घटनाएं बढ़ी हैं—पूजा स्थलों पर हमले शामिल। यह 2014 के लिंड्ट कैफे बंधक कांड के 11 साल बाद सिडनी पर दूसरा बड़ा हमला है।

वायरल वीडियो में एक हमलावर को पैदल पुल से फायरिंग करते और दूसरे को निहत्थे व्यक्ति द्वारा दबोचते दिखाया गया। पुलिस ने इलाके को सील कर जांच तेज कर दी है।

वैश्विक प्रतिक्रियाएं और प्रभाव

  • इस्राइल: विदेश मंत्री गिदोन सार ने शोक व्यक्त किया। चाबाद रब्बी एली श्लैंगर की मौत ने समुदाय को झकझोर दिया।
  • ऑस्ट्रेलियाई यहूदी परिषद: “यह ऐसी भयावह घटना है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।”
  • दुनिया: अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई देशों ने निंदा की। भारत-अस्ट्रेलिया संबंधों के मद्देनजर PM मोदी का बयान महत्वपूर्ण।

यह हमला ऑस्ट्रेलिया की सख्त बंदूक नीति के बावजूद हुआ, जो 1996 के पोर्ट आर्थर नरसंहार के बाद बनी। अब सुरक्षा पर बहस तेज हो गई है।

राजनीतिक और सामाजिक निहितार्थ

विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व तनाव का असर दूर-दूर तक फैल रहा है। ऑस्ट्रेलिया में यहूदी-विरोधी घटनाएं बढ़ने से अल्बनीज सरकार पर दबाव बढ़ा। विपक्ष ने सुरक्षा चूक का आरोप लगाया। हनुक्का की पहली रात—प्रकाश का त्योहार—पर अंधेरे ने दुनिया को झकझोर दिया।

ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने इसे “11 साल बाद सिडनी का खौफ” बताया। चश्मदीदों ने वर्णन किया: “हर तरफ चीखें, खून और सायरन।” वीडियो में पुलिस का त्वरित कार्रवाई दिखी।

आगे की चुनौतियां: जांच और सुरक्षा

पुलिस ने लोगों से वीडियो शेयर करने को कहा। फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी है। पीएम अल्बनीज ने संसद सत्र बुलाने का ऐलान किया। वैश्विक स्तर पर आतंकवाद विरोधी एकता की जरूरत बढ़ गई। भारत ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी।

यह घटना दर्शाती है कि त्योहारों पर हमले कैसे शांति भंग करते हैं। आने वाले दिनों में हमलावरों के लिंक और मकसद स्पष्ट होंगे।


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