पटना, 21 जनवरी 2026: वित्त मंत्रालय के डायरेक्ट टैक्स सुधार Budget 2026 से पहले निवेश, स्टार्टअप्स और आम नागरिकों को राहत देंगे। बिहार जैसे राज्यों में उद्योग विकास को तेज रफ्तार मिलेगी। 1 अप्रैल 2026 से लागू ये बदलाव टैक्स अनुपालन सरल बनाएंगे।
निवेश और उद्योग क्षेत्र को मिलेंगी विशेष छूटें
- AIFs टैक्सेशन: कैटेगरी I/II AIFs पर कैपिटल गेन टैक्स, FPI के बराबर लाभ।
- स्टार्टअप्स एक्सटेंशन: सेक्शन 80-IAC, 31 मार्च 2030 तक 100% लाभ कटौती।
- इलेक्ट्रॉनिक्स MFG: गैर-निवासियों को 25% डीम्ड प्रॉफिट टैक्स।
- IFSC छूट: 2030 तक शिप-लीजिंग, इंश्योरेंस को विस्तार।
व्यक्तिगत करदाताओं को मिली बड़ी राहत
- NSS निकासी: 29 अगस्त 2024 बाद पूर्ण टैक्स-फ्री।
- NPS वात्सल्य: ₹50,000 अतिरिक्त कटौती।
- प्रॉपर्टी टैक्स: दो घरों पर शून्य मूल्य बिना शर्त
मुकदमेबाजी कम करने के उपाय
- ट्रांसफर प्राइसिंग: 3 साल ब्लॉक पीरियड।
- सेफ हार्बर: ₹300 करोड़ टर्नओवर, EV कंपोनेंट्स शामिल।
- ट्रस्ट रजिस्ट्रेशन: 10 साल वैलिडिटी।
बिहार को विशेष लाभ: स्टार्टअप्स और इंडस्ट्री को बूस्ट
बिहार स्टेट स्टार्टअप पॉलिसी के तहत केंद्रीय सुधार AIFs से इंक्यूबेटर्स को 2-5% निवेश रिफंड मिलेगा, अब ₹25 लाख तक फंडिंग के साथ। BIPPP-2025 पैकेज में 30% कैपिटल सब्सिडी और 40 करोड़ ब्याज सब्वेंशन को टैक्स छूट मजबूत करेगी। इलेक्ट्रॉनिक्स/EV MFG में EV बैटरी, सोलर PLI स्कीम्स को बढ़ावा, पटना-आधारित यूनिट्स लाभान्वित। नीतीश सरकार का इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम मजबूत होगा।
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