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19 अहम प्रस्तावों पर नीतीश कुमार की मुहर

nitish kumar
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार 09 दिसंबर 2025 को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 19 अहम प्रस्तावों पर नीतीश कुमार की मुहर मुहर लगी, जिनका फोकस रोजगार सृजन, कर्मचारियों को वित्तीय लाभ, नए विभागों का गठन और बुनियादी ढांचे व पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देना रहा।

19 अहम प्रस्तावों पर नीतीश कुमार की मुहर

नए विभाग और रोजगार पर फोकस

  • कैबिनेट ने तीन नए विभागों के गठन को मंजूरी दी, जिनका उद्देश्य युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और उच्च शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों को अधिक संगठित तरीके से लागू करना है।
  • सरकार ने स्पष्ट रूप से अगले पाँच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इन विभागों को job‑oriented planning और execution का “मुख्य औजार” बनाने का रोडमैप तय किया।

सरकारी कर्मियों का DA बढ़ा, आर्थिक राहत

  • राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जो 1 जुलाई 2025 से लागू होगा, इससे उनके कुल वेतन और पेंशन में सीधी बढ़ोतरी होगी।
  • पाँचवें वेतनमान वाले कर्मचारियों/पेंशनर्स के DA को भी संशोधित कर अधिक प्रतिशत पर तय किया गया, जिससे महंगाई के दबाव को आंशिक राहत देने की कोशिश की गई।

बुनियादी ढांचा, बिजली बकाया और पर्यावरण

  • शहरी निकायों द्वारा बिजली वितरण कंपनियों (उत्तर एवं दक्षिण बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन) पर बकाया बिजली बिल चुकाने के लिए लगभग 400 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई, ताकि बिजली आपूर्ति और वित्तीय अनुशासन दोनों मजबूत हो सकें।
  • वाल्मीकि व्याघ्र आरक्ष फाउंडेशन के लिए 15 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड मंजूर किया गया, जो टाइगर रिज़र्व के संरक्षण, इको‑टूरिज्म और प्रबंधन को स्थायी वित्तीय आधार देगा।
  • पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान (चिड़ियाघर) के बेहतर प्रबंधन और विकास के लिए “संजय गांधी बायोलॉजिकल पार्क मैनेजमेंट एंड डेवलपमेंट सोसाइटी” के गठन को मंजूरी दी गई, जिससे zoo को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित करने की राह साफ हुई।

प्रशासनिक सुधार, कल्याण और सुरक्षा उपाय

  • कुछ मौजूदा विभागों के नाम और संरचना में परिवर्तन को स्वीकृति दी गई, ताकि योजनाओं के चरित्र के अनुरूप विभागीय पहचान और कार्यक्षमता दोनों में स्पष्टता आ सके।
  • गया और मुंगेर को सिविल डिफेंस जिलों के रूप में अधिसूचित करने के फैसले से आपदा प्रबंधन, नागरिक सुरक्षा और कानून‑व्यवस्था से जुड़े प्रशिक्षण‑प्रबंध को संस्थागत रूप मिलेगा।
  • सामाजिक न्याय की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए रजिस्ट्री कार्यालयों से जुड़ी Bihar Deed Writers Licence Rules में संशोधन कर कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों को भी डी़ड राइटर लाइसेंस के लिए पात्र बनाया गया, ताकि उन्हें सम्मानजनक आजीविका का अवसर मिल सके।
  • ऑपरेशन “सिंदूर” के दौरान शहीद हुए बीएसएफ उपनिरीक्षक मोहम्मद इम्तियाज़ के पुत्र मोहम्मद इम्दाद रज़ा को सहानुभूतिपूर्ण नियुक्ति (compassionate appointment) की मंजूरी दी गई, जिससे शहीद परिवार के आर्थिक संबल को सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।

वित्तीय अनुबंध और स्किलिंग से जुड़ी स्वीकृतियाँ

  • राज्य की विभिन्न परियोजनाओं के लिए नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर फंड लिमिटेड (NIFL) के सहयोग से निवेश/वित्तपोषण सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते को हरी झंडी दी गई, जिससे अधोसंरचना परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है|
  • नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSEIL), मुंबई के साथ समझौता कर छात्रों के लिए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम चलाने पर सहमति बनी, जिसका उद्देश्य वित्तीय साक्षरता और मार्केट‑linked skills के माध्यम से बिहार के युवाओं को रोजगारयोग्य बनाना है।

इस तरह 09 दिसंबर 2025 की कैबिनेट बैठक को बिहार सरकार की रोजगार, कर्मचारियों की भलाई, पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक सुधार की समांतर प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने वाली बैठकों में से एक माना जा सकता है, जिसमें लिए गए फैसले आने वाले वर्षों की नीतिगत दिशा तय करते दिखते हैं।


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