बिहार सरकार विभिन्न क्षेत्रों में सैकड़ों योजनाओं और परियोजनाओं को सक्रिय रूप से चला रही है, जिनका उद्देश्य रोजगार सृजन, बुनियादी सुविधाएँ, शिक्षा-स्वास्थ्य सुधार और कृषि विकास सुनिश्चित करना है। 2025 तक केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल से जल जीवन हरियाली, 1 करोड़ रोजगार और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी परियोजनाएँ तेजी से आगे बढ़ रही हैं, जो राज्य की जीडीपी वृद्धि को गति दे रही हैं।
शिक्षा क्षेत्र की प्रमुख योजनाएँ
- मुख्यमंत्री मेधावृति योजना: आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति, जिससे हजारों छात्र लाभान्वित हो रहे हैं।
- TRE-4.0 शिक्षक भर्ती: 50,000 शिक्षक पदों पर भर्ती, 35% महिला आरक्षण के साथ; ग्रामीण स्कूलों में गुणवत्ता सुधार पर फोकस।
- जननायक करपूरी ठाकुर स्किल यूनिवर्सिटी: कौशल विकास के लिए नई यूनिवर्सिटी की स्थापना, युवाओं को उद्योग-केंद्रित ट्रेनिंग।
स्वास्थ्य और स्वच्छता परियोजनाएँ
- हर पंचायत में अस्पताल: प्रत्येक पंचायत में आधुनिक अस्पताल निर्माण, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए।
- शौचालय निर्माण योजना (गृह का सम्मान): स्वच्छता को बढ़ावा, लाखों परिवारों को शौचालय उपलब्ध कराकर ओडीएफ लक्ष्य की ओर प्रगति।
- महिला समृद्धि योजना: महिलाओं के स्वास्थ्य व पोषण पर जोर, BSCC शिक्षा लोन के साथ चिकित्सा सहायता।
कृषि और ग्रामीण विकास
- मखाना बोर्ड: मखाना उत्पादन, प्रसंस्करण व विपणन के लिए नया बोर्ड, किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य।
- पश्चिमी कोसी नहर परियोजना: मिथिलांचल में 50,000 हेक्टेयर सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण व फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए।
- किसान सब्सिडी योजनाएँ: बीज-खाद पर सब्सिडी, FPO के माध्यम से किसानों को बाजार लिंकेज।
बुनियादी ढांचा और ऊर्जा
- हर घर नल का जल: 2026 तक हर घर में नल जल, 50 लाख से अधिक घरों को कवर।
- हर घर तक पक्की गली-नली: ग्रामीण सड़कें व जल निकासी, पंचायतों में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूती।
- 125 यूनिट मुफ्त बिजली: 1.67 करोड़ परिवारों को मासिक 125 यूनिट फ्री बिजली, 10,000 MW सोलर स्थापना।
- हर घर बिजली: 100% विद्युतीकरण पूर्ण, रखरखाव जारी।
- पटना-पुर्णिया एक्सप्रेसवे: पुरवोदय योजना के तहत Rs. 26,000 करोड़ सड़क परियोजनाएँ।
- ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स: पटना-बिहटा विस्तार सहित नए हवाई अड्डे।
रोजगार और महिला सशक्तिकरण
- 1 करोड़ रोजगार योजना (2025-2030): युवाओं के लिए 1 करोड़ नौकरियाँ, तीन नए विभाग (रोजगार, कौशल, नागरिक उड्डयन) गठित।
- पुलिस भर्ती: 2.29 लाख पदों पर भर्ती।
- कन्या उत्थान योजना: लड़कियों की शिक्षा व सशक्तिकरण के लिए वित्तीय सहायता।
- उद्यमी योजना: स्वरोजगार के लिए लोन व टूलकिट वितरण।
वित्तीय और सामाजिक कल्याण
- पेंशन योजना: वृद्धावस्था पेंशन Rs. 1100 मासिक, विधवा व दिव्यांगों के लिए।
- जल जीवन हरियाली: पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण व जल संचयन।
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी: खाद्य प्रसंस्करण के लिए नया संस्थान, रोजगार सृजन।
| क्षेत्र | प्रमुख योजनाएँ | लक्ष्य/प्रभाव |
| शिक्षा | मेधावृति, TRE-4.0, स्किल यूनिवर्सिटी | 50,000 शिक्षक, कौशल विकास |
| स्वास्थ्य | पंचायत अस्पताल, शौचालय निर्माण | ग्रामीण स्वास्थ्य मजबूत |
| कृषि | मखाना बोर्ड, कोसी नहर | 50,000 ha सिंचाई |
| इंफ्रास्ट्रक्चर | नल जल, गली-नली, एक्सप्रेसवे | 100% कवरेज लक्ष्य |
| रोजगार | 1 करोड़ नौकरियाँ, पुलिस भर्ती | 2025-30 में लक्ष्य |
ये परियोजनाएँ बिहार को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं, जिनसे लाखों परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।
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